Water supply & related story

आज का पूरा दिन खराब था
प्रात: काल आंख खुली तो पहली बात याद आई आज पानी आने का दिन है। हम लोगो के घर हर दूसरे दिन यानी कि एक दिन छोड़ कर पानी आता है सीधीतौर कहे कि पानी रोजाना नही आता है। 7:00 बज चुके थे परंतु पानी नहीं आया था। यही चिंता का विषय था। थोड़े विलम्ब से पानीवाले ने आवाज़ लगाई। वह अपने हाथ से औजार पकड़कर जोर से पानी के पाइप पर आवाज करके बजाता है। दौड़ कर दो मंजिले से नीचे उतरकर पानी का वाल्व खोला फिर वापस चढ़कर घर आया। समस्या यह है कि एक बाथरूम(गुसलखाने व स्नानागार) में पानी ठीक से यानी कि जोर से आता है और दूसरे में बिल्कुल ना के बराबर। इसलिए इस गुसलखाने से पानी भरकर बाल्टी दूसरे गुसलखाने मे ले जाना पड़ता है। जब तक हमारी दो या तीन बाल्टी भरपाती हैं उतने ही समय में 1000 लीटर की टंकी भर जाती है और पानी टंकी से बाहर बहने लगता है। फिर दौड़कर नीचे जाकर पानी का वॉल्व बंद करना पड़ता है। कभी-कभी पानीवाला नीचे से चिल्लाने लगता है या पानी बंद कर देता है।
6 घर हैं हमारे ब्लॉक में पर खराब यह लगता है कि एक घर का पानी चाहे जितनी देर और चाहे जितनी बार गिरता है पर वह पानीवाला एक शब्द अपनी जुबान से नहीं निकालता।
वह घर इंजीनियर का है। इंजीनियराइन साहिबा के ठाठ हैं। जब चाहें जितना पानी फैलाएं या भरे कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
इस सारे उपक्रम में शारीरिक श्रम तो होता ही है पर जो मानसिक तनाव होता है अपने विचारों द्वारा वह अकथनीय है और थकाने वाला है।
क्या यह स्वकल्पित है या स्वजनित है? मतलब कि हम कष्ट सहें और चुप रहें। और नियति मानकर भगवान को नमन करें।
सामने वाले घर में एक डॉक्टर रहने आए हैं। पहले दिन हमने पूछा कि पानी भर गया या नहीं? उसने सिर हिलाकर जवाब समझाया कि हां हो गया।
उस डॉक्टर को या उसके परिवार के किसी भी सदस्य को कभी भी सुबह पानी के लिए दौड़ भाग या किसी भी तरह की उहापोह की स्थिति में नहीं देखा। पता नहीं उनके यहां पानी कैसे भर जाता है? उनके ऊपर एक इंजीनियर रहते हैं अक्सर एक लड़का 6 या 6:30 बजे मोटरसाइकिल से आता है। यानि कि पानी वाले दिन उनका पानी भरने की ड्यूटी करता है।
डॉक्टर के बगल में और उनके नीचे बड़े साहब आईएस वगैरह रहते हैं। शायद वही इन दोनो बड़े साहबों का भी पानी भरता है? एक दो बार एक लड़के को देखा है होसकता है कि कोई और लड़का उनका पानी भरता हो? जब पानी नहीं आता है या पानी आने में देर होती है तब इस लड़के से ही हम पूछते हैं कि पानी आएगा कि नहीं? तब पता चलता है कि हां आएगा या पानी आने में देर होगी या फिर पाइप फट गया है देर से पानी आएगा या फिर टंकी में पानी कम है इसलिए देर से पानी आएगा।
एक दो नंबर मेरे पास भी हैं। एक फोन करा था तो उसने बोला मेरा तबादला हो गया है इसलिए कोई सूचना नहीं दे सकते।
एक जूनियर इंजीनियर को फोन किया तो उसने भी वही जवाब दिया पर फिर बोला कि मैं देखता हूं अभी।
मैंने उसको sms किया कि मुझे हमारे एरिया के जूनियर इंजीनियर का फोन नंबर दे दीजिए। उसका जवाब आज तक नहीं आया।
पानीवाला ऑफिस लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर है इसलिए आलस की वजह से वहां जाते नहीं है। और साल भर थोड़ी-बहुत इस तरह की असुविधा रहती है परंतु निपट जाता है। समय से पानी न आने की समस्या केवल हमको ही क्यों झेलनी पड़ती है? मुनिसिपल्टी नगरपालिका में किस से यह समस्या बताएं? वहां पर जाने पर एक भूलभुलिया का ऐहसास होता है। जैसे कि मानवों से भरे एक जंगल में आ गए हो। सभी मौका पडते ही टूटे पडेंगे।
हमारी नानी का घर ही बढिया था वहाँ एक कुआं था और वह केवल हमारे मकान का ही नही मोहल्ले मे कई लोगो के लिए पानी देथा था। दिन मे जितनी बार जब चाहो पानी निकाल लो।
कभी कभी कुए की सफाई भी कराई जाती थी। सभी लोग जानते थे कि कौन यह कार्य करता है। दौड़कर उसे खबर दी जाती थी और वह भी अपने आप समय या नियत दिन आजाता था। ज्यादा दौड़भाग नही करनी पड़ती थी।
चूँकि सरकारी और सामाजिक बदलाव आया। नगरपालिका आदि का विकास हुआ। कालांतर मे मोहल्ले मे कई लोगो ने घरो मे नल लगवा लिए इसलिए दूसरे लोगो का आना जाना बन्द हो गया। भाईचारा भी कम हो गया शायद? गांव ग्रामपंचायत मे भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा?
किल्लत बड़े शहरों मे भी हुई। जल भण्डारण जलवितरण मे परेशानी होगई। कुछ शहरो में बहुत ज्यादा दिक्कत हो गयी। अलग अलग घर होने से ऐसी प्रणाली की आवश्यकता थी जो सुचारू रूप से जलवितरण और गन्दगी को निकाल सके। यहाँ पर बहुत शहर फेल हो गए। प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छता अभियान के तहत एक नवीन ऊर्जा दी। जलवितरण जलप्रबन्धन दूषित जलनिस्तारण जलप्रदूषण आदि विषय एक छाते मे आये। यह देश के लिए अच्छा है । नागरिक के कर्तव्य और अपेक्षा उजागर हुए।

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Gaurang Katyayan misra

I am nobody on this vast globe. trying to search for my relevance for existence. Trying to read boundaries.. how to demolish them? want to walk on path of wisdom.. such as vivekananda, Ram, Krishna, Meera, kabir, Sankaracharya, rani chennama, ahilyabai holkar, Laxmi bai, umrao jaan, Rai praveen, Chanakya, SitaRam Raju, Shiva ji, lachit burfukan, Sankar Dev, list is endless

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